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इस साल के ऑस्कर्स क्यों थे सबसे अलग

February 28, 2019 10:15 IST

91 वें वार्षिक अकेडमी अवॉर्ड्स का कोई भी पल बोरिंग नहीं था , असीम छाबड़ा का कहना है।  

फोटो : रामी मलिक , ओलिविया कोलमन , रेजिना किंग और महिर्शाला अली अपने - अपने ऑस्कर के साथ। फोटोग्राफ : Frazer Harrison/Getty Images

दो अफ्रीकी-अमरीकी अभिनेताओं ने बेस्ट सपोर्टिंग ऐक्टर का अवॉर्ड जीता।

पहले इजिप्शियन अमेरिकन को बेस्ट ऐक्टर अवॉर्ड मिला।

एक मेक्सिकन फिल्म-निर्माता ने तीन ऑस्कर जीते, जिनमें से एक बेस्ट डायरेक्टर श्रेणी में उनका दूसरा अवॉर्ड था।

और - सबसे धमाकेदार बात - स्पाइक ली ने अपना पहला कम्पिटिटिव ऑस्कर जीता। अकेडमी ऑफ़ मोशन पिक्चर्स आर्ट्स ऐंड साइंसेज़ ने आखिरकार उनकी कला को सम्मानित किया।

इसके साथ ही, 1988 में स्पाइक ली की स्कूल डेज़ के साथ अपने करियर की शुरुआत करने वाली और डू द राइट थिंग (1989), मैलकम एक्स (1992), एमिस्टैड (1997) और सेल्मा (2014) जैसी कई फिल्मों में अपनी कला दिखाने वाली अफ्रीकी-अमरीकी कॉस्ट्यूम डिज़ाइनर रुथ कार्टर ने ब्लैक पैन्थर में अपने काम के लिये ख़िताब जीता।

कार्टर कॉस्ट्यूम डिज़ाइन श्रेणी में ऑस्कर जीतने वाली पहली अफ्रीकी-अमरीकी हैं।

तो अब कोई भी नहीं कह सकेगा कि #OscarsSoWhite!

वोट्स देने की प्रक्रिया के साथ अकेडमी मेम्बर्स ने अपने आलोचकों के लिये साफ़ कर दिया कि - हम अब अपनी छवि सुधार कर लोगों की नज़रों में सही बनने की शुरुआत कर रहे हैं, या कम से कम इसकी पूरी कोशिश कर रहे हैं।

फोटो : रामी मलिक बोहेमियन रैप्सोडी में।

लेकिन साथ ही अकेडमी ने उन आलोचकों को अनदेखा कर दिया, जिन्हें इसके अन्य नॉमिनेशन्स से परेशानी थी।

सबसे पहले, बोहेमियन रैप्सोडी - बेस्ट पिक्चर समेत पाँच श्रेणियों में नॉमिनेटेड - की फ्रेडी मर्क्युरी की समलैंगिकता और यूके में उनके द्वारा महसूस की गयी समलिंगियों के प्रति नफ़रत को ढँकने के लिये आलोचना की गयी।

इस फिल्म में यह भी नहीं बताया गया कि HIV/AIDS की समस्या से हुई मर्क्युरी की मौत का एक बहुत बड़ा कारण मार्गारेट थैचर की सरकार की लापरवाही भी थी, जिसने रीसर्च में निवेश करने से इनकार कर दिया और साथ ही सुरक्षित सेक्स को बढ़ावा देने वाले सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियानों की राह में बाधा डालने की भी कोशिश की।

इतना ही नहीं, फिल्म के डायरेक्टर ब्रायन सिंगर पर नाबालिग लड़कों के यौन उत्पीड़न का भी आरोप है।

लेकिन फिर भी अकेडमी ने बोहेमियन रैप्सोडी को तीन ऑस्कर्स दिये।

ऐसा लगा जैसे सदस्य आलोचकों से कह रहे हों कि उन्हें फिल्म बेहद पसंद आयी।

कहीं न कहीं उन्हें #OscarsSoWhite जैसी आलोचनाओं का सामना करना ही पड़ेगा - लेकिन दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित फिल्म ट्रॉफ़ीज़ देने वाली संस्था को चलाने का काम उन्हें पूरी आज़ादी से करने देना चाहिये।

बोहेमियन रैप्सोडी ने दुनिया भर में $860 मिलियन से ज़्यादा कमाई की है। यह एक बेहद लोकप्रिय फिल्म है और अकेडमी सदस्य इसे पूरा सम्मान देना चाहते थे, जिसमें बेस्ट ऐक्टर कैटेगरी भी शामिल थी, और 37-वर्षीय रामी मलिक इस सुनहरे ख़िताब को जीतने में सफल रहे।

फोटो: रामी मलिक अपना बेस्ट ऐक्टर अवॉर्ड लेते हुए। फोटोग्राफ़: Kevin Winter/Getty Images

अपने दिल को छू लेने वाले भाषण में, मलिक ने अपने परिवार और स्वर्गीय पिता के बारे में बात की।

'मुझे लगता है आज ऊपर से वो मुझे ज़रूर देख रहे होंगे,' उन्होंने कहा।

उन्होंने पूरी विनम्रता के साथ उन्हें इस मंच तक पहुंचाने में योगदान देने वाले हर व्यक्ति का धन्यवाद किया।

'यह उन सभी लोगों के लिये है, जिन्होंने हर कदम मुझ पर भरोसा किया, 'उन्होंने आगे कहा।

'हो सकता है कि मैं सबकी जाहिर और पहली पसंद नहीं था, लेकिन सब कुछ सही हुआ... मैं सोचता हूं कि छोटे से बब्बा रामी को अगर कोई बताता कि एक दिन उसके साथ ऐसा होने वाला है, तो कैसा लगता। घुंघराले बालों वाले बच्चे के होश ही उड़ जाते। वह बच्चा, जो अपनी पहचान ढूंढने की कोशिश कर रहा था, खुद की खोज में लगा था, आज अपनी पहचान और अपनी आवाज़ की तलाश में लगे सभी लोगों से कहना चाहता है, कि सुनो, हमने एक समलिंगी आदमी के ऊपर फिल्म बनाई, एक परदेसी नागरिक, जिसने बिना अपनी पहचान छुपाये अपनी ज़िंदग़ी को जिया... मैं इजिप्त से आये प्रवासी नागरिकों का बेटा हूं (उनका परिवार कॉप्टिक क्रिस्चियन है), एक फर्स्ट जेनरेशन अमेरिकन। और मेरी कहानी का एक हिस्सा अभी, इस वक्त लिखा जा रहा है।'

दिल को छूने वाले एक छोटे से निष्कपट भाषण में उन्होंने सबको बताया कि अमेरिका क्या है और दुनिया के सामने क्या दिखना चाहता है।

और यही तो अकेडमी के सदस्य सुनना चाहते थे। तो भाँड़ में जायें क्रिटिक्स!

फोटो : विगो मोटेन्सेन और महिर्शाला अली ग्रीन बुक में।

बेस्ट पिक्चर ट्रॉफी की दौड़ में सबसे आगे खड़ी ग्रीन बुक भी विवादों से घिरी रही, जो एक कमज़ोर अफ्रीकी-अमरीकी, एक दुनिया से कटे समलिंगी म्यूज़िशियन और श्वेत इटैलियन ड्राइवर के साथ अमेरिका के दक्षिणी हिस्से के उसके सफ़र की ठीक-ठाक कहानी है।

क्रिटिक्स का कहना है कि यह अफ्रीकी-अमरीकी आदमी को बचाने आये एक और श्वेत मसीहा की कहानी है।

फिल्म की निर्माता टीम के अधिकांश सदस्य श्वेत थे।

इक्ज़ेक्युटिव प्रोड्यूसर ऑक्टेविया स्पेन्सर एकमात्र काले सदस्य थे (और हाँ, सपोर्टिंग ऐक्टर महिर्शाला अली भी, जिन्होंने इस फिल्म के लिये अपना दूसरा ऑस्कर जीता।)

ग्रीन बुक के आलोचकों ने यह भी कहा कि इस फिल्म को बेस्ट पिक्चर के लिये चुने जाने से ठीक 30 साल पहले एक और 'पिछड़ी' फिल्म ड्राइविंग मिस डेज़ी को अवॉर्ड मिला था, जबकि डू द राइट थिंग को नॉमिनेट तक नहीं किया गया था।

जब ग्रीन बुक को विजेता घोषित किया गया, तो स्पाइक ली ग़ुस्से में कार्यक्रम से निकलने की कोशिश करते नज़र आये।

उन्हें दरवाज़े पर रोक लिया गया और भाषण ख़त्म होने के बाद वापस उनकी सीट पर लाया गया।

'जब भी कोई किसी के लिये गाड़ी चलाता है, मैं हार जाता हूं, 'उन्होंने बाद में रिपोर्टर्स से डू द राइट थिंग का ज़िक्र करते हुए कहा, जो 1990 में बेस्ट स्क्रीनप्ले का ऑस्कर ड्राइविंग मिस डेज़ी से हार गयी थी।

'ऐसा लगा जैसे मैं गार्डन (न्यू यॉर्क सिटी में स्थित स्पोर्ट्स अखाड़े मैडिसन स्क्वेयर गार्डन की बात करते हुए) में कोर्ट साइड पर था और रेफरीज़ ने ग़लत फैसला सुना दिया।'

ली की ब्लैकक्लैन्समैन को छः ऑस्कर के लिये नॉमिनेट किया गया था, जिसमें बेस्ट पिक्चर शामिल था। इसमें ली और उनके तीन लेखकों को अडैप्टेड स्क्रीनप्ले की कैटेगरी में एक ऑस्कर मिला।

फोटो : रोमा का एक दृश्य

लेकिन ग्रीन बुक एक ऐसी फिल्म है जो अकेडमी के बुज़ुर्ग श्वेत वोटर्स को खुशी का एहसास देती है (और सदस्यों में विविधता लाने की काफी कोशिशों के बावजूद ऐसे सदस्यों की संख्या काफी बड़ी है)।

और उन्हें क्रिटिक्स की कोई परवाह नहीं।

ग्रीन बुक को इस बार कई बड़े पुरस्कार मिले हैं, जिनमें पिछले साल के टोरन्टो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में प्रतिष्ठित ऑडियन्स प्राइज़ शामिल है।

ग्रीन बुक को वोट देकर अकेडमी ने यह भी साफ़ कर दिया कि बेस्ट पिक्चर अवॉर्ड अंग्रेज़ी में बनी फिल्म के लिये ही है।

उन्होंने अल्फोन्सो क्युआरॉन की स्पैनिश भाषा में बनी रोमा को वोट नहीं दिया - जिसे स्ट्रीमिंग के दिग्गज नेटफ़्लिक्स का अपमान कह सकते हैं, जिसने अकेडमी के सदस्यों को मनाने की पूरी कोशिश की थी।

रोमा - हमारे समय की बेहतरीन फिल्मों में से एक - को बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज का ऑस्कर और क्युआरॉन के लिये बेस्ट डायरेक्टर का पुरस्कार मिला, जिन्होंने अपने भाषण में प्रवासी नागरिकों, हर रंग के लोगों और स्वदेशी मजदूरों को सम्मान दिया।

क्युआरॉन को रोमा के लिये बेस्ट सिनेमेटोग्राफी का ऑस्कर भी मिला, और पहली बार एक डायरेक्टर ने अपनी फिल्म को शूट करने के लिये ऑस्कर जीता है।

फोटो : गिलेर्मो डेल टोरो और अल्फॉन्सो क्युआरॉन ऑस्कर्स में। फोटोग्राफ : मैट सेल्स -- Matt Sayles -- Handout/AMPAS गेटी इमेजेज़ के सौजन्य से

ऑस्कर का समारोह हमेशा सरप्राइज़ेज़, निराशा (ओलिविया कोलमन ने बेहद पसंदीदा ग्लेन क्लोज़ की जगह बेस्ट ऐक्टर का ख़िताब जीता) और दिल को छूने वाले भाषणों से भरा होता है।

और फिर आते हैं कुछ ख़ास पल।

2018 के बेस्ट डायरेक्टर अवॉर्ड विजेता गिलेर्मो डेल टोरो ने इस साल अपने दोस्त अल्फॉन्सो क्युआरॉन को अवॉर्ड लेने के लिये मंच पर बुलाया और अपने हाथों से उन्हें अवॉर्ड दिया।

यह मेक्सिको के लिये बेहद खुशी की बात थी और दोनों ही दोस्तों के लिये एक ख़ास पल था।

लॉस एंजलिस टाइम्स क्रिटिक केनेथ ट्यूरन ने ट्वीट किया, 'मुझे #Oscars में हाथों में हाथ डाल कर चलते  अल्फॉन्सो क्युआरॉन और गिलेर्मो डेल टोरो की तसवीर बेहद पसंद आयी, दो पुराने दोस्त और बेस्ट डायरेक्टर के ऑस्कर विजेता एक-दूसरे के लिये बेहद खुश नज़र आये। यह अद्भुत नज़ारा था।'

फोटो: लेडी गागा ब्रैडली कूपर के साथ परफॉर्म करती हुईं। फोटोग्राफ: Mike Blake/Reuters

लेडी गागा और अ स्टार इज़ बॉर्न में उनके डायरेक्टर/को-स्टार ब्रैडली कूपर को स्टेज पर शैलो  गाते देखना भी एक अद्भुत नज़ारा था।

दोनों प्यार से एक-दूसरे को देख रहे थे, और लोग हैरत में पड़ गये थे कि ये दोनों प्रेमी-प्रेमिका कैसे नहीं हैं।

यह शो का सबसे भड़कीला लम्हा था, जो बिना किसी होस्ट के बहुत ही शानदार रहा।

सचमुच, इस साल के ऑस्कर का कोई भी पल बोरिंग नहीं था!

असीम छाबड़ा
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